Plastic Engineer kaise Bane: कोर्स फीस, एडमिशन, स्कोप, सैलरी

आज की इस आर्टिकल में हम Plastic Engineering Course के बारे में बात करने वाले है। अगर आपको जानना है कि Plastic engineer kaise bane तो इस पोस्ट को ध्यानपूर्वक पढ़े।

यहां हमने प्लास्टिक इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिशें की है। जैसे प्लास्टिक इंजीनियरिंग क्या है, प्लास्टिक इंजीनियर कैसे बनते है, प्लास्टिक इंजीनियरिंग कोर्स की फीस कितनी होती है, स्कोप क्या है, सैलरी कितना मिलेगा, इत्यादि।

इन सारे विषय के बारे बारीकियों से जानने हेतु इस पोस्ट को लास तक अच्छे से पढ़े तभी आपका सारे सवालों का जवाब मिलेगा।

Plastic Engineering in Hindi

प्लास्टिक इंजीनियरिंग क्या है: कोर्स के नाम से ही आपको पता चल रहा होगा कि यह एक ऐसी कोर्स है जिसमे प्लास्टिक उत्पादों का प्रसंस्करण, डिजाइन, विकास और निर्माण के बारे में बारीकियों से जानकारी प्रदान की जाती है।

इसके साथ, प्लास्टिक उत्पादों का तैयारी करने मे जिन मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है उसके बारे में भी कोर्स करने वालों को सही से शिक्षा दी जाती है।

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Plastic Engineering

जैसे कि आप सभी को पता है, प्लास्टिक एक सेमी-लिक्विड है। इसके इस्तेमाल हमारे रोजमर्रा जिंदगी को आसान बना देता है। हालांकि पर्यावरण के लिए प्लास्टिक काफी हानिकारक भी है।

इसलिए दिन प्रतिदिन प्लास्टिक इंजीनियर द्वारा नई नई अविष्कार की जा रही है ताकि प्लास्टिक को अच्छे से रीसायकल किया जा सके और प्लास्टिक की असर को भी कम किया जा सके।

Plastic Engineering Course ke Eligibilities (प्लास्टिक इंजीनियरिंग पात्रता)

प्लास्टिक इंजीनियरिंग में B.tech करने हेतु आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 पास करना होता फिजिक्स, केमिस्ट्री एबं मैथेमेटिक्स सुवजेक्टस के साथ। इसमें न्यूनतम 17 साल की आयु होनी चाहिए।

और अगर आप प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स करना चाहते है तो, आपको न्यूनतम 10वी पास करना होता किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से। ऐसे में आपके आयु कम से कम 14 साल की होनी चाहिए।

और नंबर की बात की जाए तो जनरल वर्ग के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत नंबर चाहिए होगी एवं आरक्षण वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत नंबर चाहिए इस प्लास्टिक इंजीनियर बनने के लिए।

Plastic Engineer kaise Bane

प्लास्टिक इंजीनियरिंग के पढ़ाई करके आप दो तरीके से प्लास्टिक इंजीनियर बन सकते है:

1. डिप्लोमा इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग
2. बीटेक इन प्लास्टिक फार्मेसी
3. एमटेक इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग

डिप्लोमा इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग: प्लास्टिक इंजीनियरिंग के डिप्लोमा कोर्स करने के लिए आपको सबसे पहले 10वी पास करना होगा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से।

इसके बाद आप डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम दे सकते है। प्रत्येक राज्य अपने क्षेत्र में अलग अलग नाम से एंट्रेंस एग्जाम लेते है।

उस एग्जाम में आपको अच्छे अंक से उत्तीर्ण होना होता। एंट्रेंस एग्जाम में आप जितना स्कोर करेंगे उसके हिसाब से आपके रैंक तैयार होगा एबं उसी के आधार पर आपको सरकारी तथा निजी पॉलीटेक्निक कॉलेज में दाखिला मिल जाएगा।

इसके अलावा आप चाहे तो डायरेक्ट एडमिशन ले सकते है। ऐसे बहुत सारे प्राइवेट कॉलेज है जहां पर डायरेक्ट एडमिशन मिल जाते है। इसके लिए आपको सीधा कॉलेज के साथ संपर्क करना होगा।

एबं कॉलेज ऑथोरिटी द्वारा आपके सारे दस्तावेजों को परखने के बाद आपको दाखिला दे दिया जाएगा। एडमिशन के दौरान ही आपको एडमिशन फीस देना होगा।

आपको बता दे, डिप्लोमा कंपलीट होने के पश्चात आप बीटेक भी कर सकते है। अगर आप बीटेक करना चाहे तो आपको बीटेक के दूसरे वर्ष में सीधा दाखिला मिल जाता है।

बीटेक इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग: प्लास्टिक इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वी पास करना है फिजिक्स, केमिस्ट्री एबं बायोलॉजी से।

इसके बाद एंट्रेंस एग्जाम के लिए आपको आवेदन करना है। 12वी में पढ़ाई के दौरान ही इसके लिए फॉर्म निकालते है उसे भरना है। इसी दौरान ही आपको एप्लीकेशन फीस जमा करना होता।

आपको बता दे, इसके बाद JEE Mains और JEE Advance का एग्जाम होता। उंसमे उत्तीर्ण होने के पश्चात रैंक तैयार किया जाता है। इसके आधार पर ही एडमिशन मिलता है।

एडमिशन के दौरान ही आपके सारे दस्तावेजों को चेक किया जाएगा और आखिरी में एडमिशन फीस जमा करने के बाद आपको दाखिला मिल जाएगा।

आप चाहे तो बीटेकके डायरेक्ट एडमिशन ले सकते है। ऐसे में आपको सीधा कॉलेज में जाकर एडमिशन फीस जमा करके एडमिशन लेने होगा।

एमटेक इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग: अगर आप एमटेक करना चाहते है तो आपको सबसे पहले बीटेक इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग के कोर्स पूरा करना होगा।

उसके बाद ही आप एमटेक कर सकते है। एमटेक करने के लिए ज्यादातर डायरेक्ट एडमिशन लेना होता। इसके लिए आप जिस कॉलेज में दाखिला लेने के सोच रहे है उसके साथ संपर्क करना होगा।

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Top Plastic Engineering Colleges

इंडिया में बहुत से कॉलेज है जहां से आप प्लास्टिक इंजीनियरिंग की कोर्स कर सकते है। यहां हमने कुछ कॉलेज के के बारे में बताये है।

  • ICT Mumbai – Institute of Chemical Technology
  • Government Polytechnic College, Kota
  • Government Polytechnic, Lucknow
  • Government Polytechnic College, Ambala
  • Tamilnadu Government Polytechnic College, Madurai
  • Government Polytechnic College, Kota
  • Central Institute of Plastics Engineering and Technology, Chennai
  • Government Polytechnic College, Ujjain
  • Sanjay Gandhi Polytechnic, Jagdishpur
  • Central Institute of Plastics Engineering and Technology, Bhubaneswar
  • Central Institute of Plastics Engineering and Technology, Mysore
  • Central Institute of Plastics Engineering and Technology, Aurangabad
  • Central Institute of Plastics Engineering and Technology, Haldia

Plastic Engineering Course ki Fees

जैसे की हमने आपको पहले ही बताये, आप प्लास्टिक इंजीनियरिंग के कोर्स करने के लिए डिप्लोमा या बीटेक कर सकते है। दोनों कोर्स में अलग अलग फीस देना होता।

अगर सरकारी कॉलेज की बात करे तो इसमें बहुत ही कम खर्च होगा परंतु प्राइवेट कॉलेज में सरकारी कॉलेज के तुलना में बहु गुना अधिक खर्च होता है।

प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए सालाना 5000 से 60,000 रुपये लग जयमते है। वही प्लास्टिक इंजीनियरिंग में बीटेक करने के लिए सालाना 20,000 से 1,50,000 रुपये खर्च हो सकता है।

ध्यान रहे, हर कॉलेज के हिसाब से यह आंकड़े अलग अलग होगा। यहां हमने सिर्फ एक एवरेज आंकड़े बताने की कोशिश की है।

Plastic Engineering ke Baad Kya Kare

अगर आप सोच रहे है कि प्लास्टिक इंजीनियर बनने के बाद क्या करे तो, आपके जानकारी के लिए बता दूं, इस कोर्स के डिग्री धारकों के मांग हमारे देश के अलावा विदेशों में भी काफी अधिक है।

और अगर आप हायर स्टडी करना चाहते है तो बीटेक के बाद प्लास्टिक इंजीनियरिंग में एमई (ME) या फिर एमटेक कर सकते है।

Plastic Engineering ke Baad Salary

प्लास्टिक इंजीनियरिंग कोर्स पूरा होने के बाद कितने सैलरी मिलेंगे उसकी बात की जाए तो, निर्दिष्ट तौर पर यह कहना थोड़ा मुश्किल होगा कि आपको कितने सैलरी मिलेंगे।

अधिकतर क्षेत्र में खासकर दो चीजों को मद्देनजर रखते हुए सैलरी स्केल तय होता है। उंसमे से पहला है, काम के पोजीशन और काम एक्सपेरिएंस। अगर किसी मे यह दोनों चीज है तो उनको अच्छे खासे सैलरी मिल जाता है।

परंतु फ्रेशर्स को सुरुवात में दूसरों के तुलना थोड़ा कम सैलरी मिलता है। क्योंकि उन्हें ना तो पहले से काम के तजुर्बे होते और ना ही किसी अच्छे पोस्ट पर काम मिलते।

इसलिए फ्रेशर्स को सुरुवती दौर में कम सैलरी प्रदान किया जाता। लेकिन समय के साथ जैसे ही काम के एक्सपेरिएंस बढ़ते, वैसे ही सैलरी में भी तेजी से बढ़ोतरी होना सुरु हो जाते है।

निष्कर्ष: आज की इस आर्टिकल में plastic engineering course के बारे में सारी जानकारी दी है। आशा करते है प्लास्टिक इंजीनियरिंग क्या है, plastic engineer कैसे बने, प्लास्टिक इंजीनियरिंग के बाद क्या करेंगे, प्लास्टिक इंजीनियर बनने के बाद सैलरी कितना मिलेगा, इत्यादि के बारे में आपको पूरी जानकारी मिली होगी।

अगर आपका कोई भी सवाल है या फिर हमारे लिए कोई सुझाव है तो कमेंट सेक्शन में अपनी राय दीजिए। आपके सवालों का जवाब अवश्य दिया जाएगा।

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