NEET के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स – हाई स्कोप, हाई सैलरी पैकेज

NEET के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स: स्टूडेंट हो या उनके गार्डियन हर कोई चाहते है उनके बच्चे मेडिकल फील्ड में अपना भविष्य संवारे परंतु आज के समय ज्यादातर मेडिकल कोर्स के लिए NEET Exam का क्रैक करना अनिवार्य हो गया है। यह एग्जाम हर्ट स्टूडेंट्स के लिए आसान नहीं होता इसलिए वह नीट के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स का तलाश करते रहते हैं।

आपको बता दें कुछ साल पहले तक नीट एग्जाम के माध्यम से सिर्फ एमबीबीएस, बीएचएमएस, बीडीएस, बीएएमएस कोर्स में एडमिशन करवाई जाती थी पर आज के समय नीट एग्जाम के साथ सिद्धा, यूनानी, नेचुरोपैथी और बीएससी नर्सिंग जैसे कोर्स को भी जोड़ दिया गया है।

परंतु आपको चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं, इन सभी कोर्स के अलावा मेडिकल क्षेत्र में और भी कई सारे कोर्स है जिसमे आप 12वीं के बाद बिना NEET एग्जाम दिए मेडिकल कोर्स में एडमिशन ले सकते है।

आज की इस लेख में हम उन सभी मेडिकल कोर्स के बारे में बताएंगे जिस की डिमांड आज के समय काफी अधिक है परंतु प्रतिस्पर्धा काफी कम। और अच्छी बात तो यह है कि इन कोर्स के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च करने की जरूरत नहीं।

NEET के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स

अगर आप किसी कारण से डॉक्टर नहीं बन पाए हैं तो निम्नलिखित मेडिकल कोर्स करके मेडिकल फील्ड में अपना भविष्य संवार सकते हैं:

NEET के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स
NEET के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स

D Pharma Course: बिना नीट दिए 12वीं के बाद मेडिकल कोर्स की लिस्ट में सबसे पहले जो नाम आता है उसका नाम है डी फार्म। एक ऐसी कोर्स है जिसकी डिमांड सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों में काफी अधिक है। इसके अलावा कोई चाहे तो खुद का रिटेल फार्मेसी बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

डी फार्मा का पूरा नाम है डिप्लोमा इन फार्मेसी यह ढाई साल का एक डिप्लोमा कोर्स जिसे 12वीं के बाद किया जाता है। जिन स्टूडेंट्स ने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या मैथमेटिक्स लेकर पढ़ाई किए हैं वे इस कोर्स के लिए एलिजिबल है।

अगर आपको डी फार्मा कोर्स के बारे में विस्तार से जानना है तो आप इस आर्टिकल को पढ़ सकते हैं यहां में डी फार्मा कोर्स के बारे में स्टेप बाई स्टेप सारी जानकारी प्रदान की है।

GNM Nursing Course: हमें पूरा विश्वास है की आपने इस कोर्स के बारे में अवश्य सुने होंगे। यह 3 साल की एक नर्सिंग कोर्स जब की डिमांड सरकारी तथा गैर सरकारी हॉस्पिटलों में सबसे ज्यादा है। आज के समय नर्स के सिवा मेडिकल फील्ड का कल्पना भी नहीं की जा सकता।

जीएनएम नर्सिंग का कोर्स करने के लिए उम्मीदवारों को 12वीं में साइंस लेकर पढ़ाई करने की कोई आवश्यकता नहीं। इस कोर्स को साइंस आर्ट्स या कॉमर्स लेकर 12वीं पास करने वाले कोई भी उम्मीदवार कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त बहुत से स्टूडेंट्स के मन में यह ख्याल आता है कि जीएनएम नर्सिंग सिर्फ लड़कियों के लिए है लेकिन यह सच नहीं। लड़का हो या लड़की कोई भी यह कोर्स कर सकते हैं, सिर्फ उन्हें 12वीं का पढ़ाई पूरा करना होगा उसके बाद एंट्रेंस एग्जाम देकर या फिर डायरेक्ट एडमिशन के माध्यम से इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।

अगर आपको जीएनएम नर्सिंग के बारे में बारीकियों से जानना है तो इसके बारे में हमने एक डिटेल आर्टिकल लिख रखे हैं जहां हम ने चर्चा की है कि जीएनएम नर्सिंग कोर्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया क्या है, ऐडमिशन कैसे ले सकते हैं, कौन-कौन सी जगह नौकरी मिलेगी, सैलरी कितना होगा, बेस्ट कॉलेज कौन सा है, सिलेबस क्या है इत्यादि।

DMLT Course: अगर आप मेडिकल क्षेत्र में लैब टेक्नीशियन के रूप में करियर संवारना चाहते है तो डी एम एल टी आपके लिए एक बेहतरीन कोर्स साबित हो सकता है। यह ढाई साल की एक डिप्लोमा कोर्स है जिसमे रोगों का प्रिवेंशन, डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट किया जाता है क्लीनिकल लेबोरेटरी टेस्ट के माध्यम से।

डी एम एल टी ढाई साल की कोर्स है जिसे करने हेतु उम्मीदवारों को 10+2 में साइंस लेकर पढ़ाई करनी पड़ती है जिसमे फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी का सब्जेक्ट होना अनिवार्य है।

ढाई साल की डी एम एल टी कोर्स के पश्चात उम्मीदवारों के लिए मेडिकल क्षेत्र में अपार संभावनाएं मिलना सुरु हो जाते है। कोई चाहे तो सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाओं में नौकरी कर सकते है। इसके अलावा खुद का रजिस्टर्ड डायग्नोस्टिक सेंटर भी खोल सकते है।

डी एम एल टी कोर्स के बारे में अच्छे से जानने के लिए आप यहां क्लिक करके DMLT Course के बारे में इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़े। यहां हमने डी एम एल टी कोर्स से जुड़े सभी जानकारियां प्रदान की है।

Diploma in Dialysis Technician Course: अगर आप 12वीं के बाद बिना नीट एग्जाम दिए मेडिकल क्षेत्र में अपना कैरियर सवारना चाहते हैं तो डायलिसिस टेक्निशियन आपके लिए एक अच्छा कोर्स हो सकता है। इस कोर्स में स्टूडेंट्स को मुख्य रूप से डायलिसिस टेक्नोलॉजी के बारे में सिखाया जाता है।

यह साल की एक डिप्लोमा कोर्स है जिसमें स्टूडेंट को सिखाया जाता है कि कैसे रक्त से अधिक पानी और दूसरे विषाक्त पदार्थों को डायलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से निकाली जाती है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 12वीं पास करना पड़ता है फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी लेकर।

ढाई साल की कोर्स को पूरा करने के पश्चात उम्मीदवारों को नेफ्रोलॉजिस्ट, डायलिसिस टेक्निशियन, मेडिकल लैब टेक्नीशियन जैसे पदों में सरकारी तथा गैर सरकारी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, प्राइवेट क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर तथा फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज में आसानी से नौकरी मिल जाता है।

यहां क्लिक करके आप Dialysis Technician Course के बारे में और भी अच्छे से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं यहां हमने इस कोर्स के एडमिशन प्रोसेस, एंट्रेंस एग्जाम, कोर्स फीस, बेस्ट कॉलेज, करियर ऑप्शन, सैलरी, इत्यादि के बारे में बारीकियों से चर्चा की है।

DDCT Course: डीडीसीटी कोर्स का पूरा नाम है डिप्लोमा इन डायबिटीज केअर टेक्नोलॉजी। इस कोर्स में स्टूडेंट्स को मुख्य रूप से डायबिटोलॉजी, और एंडोक्रिनोलॉजी के बारे में सिखाया जाता है जिस का मूल उद्देश्य है कि डायबिटीज का कारण, निदान तथा रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान करना।

यह ढाई साल की कोर्स है जिसमे एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवारों को 12वीं की पढ़ाई पूरी करनी होगी किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी सब्जेक्ट के साथ। इसके बाद डायरेक्ट एडमिशन या फिर मेरिट के आधार पर कोर्स में एडमिशन मिल जाता है।

ECG Technician Course: NEET के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स के लिस्ट में अगली डिमांडिंग कोर्स है ईसीजी तकनीशियन का। आज के समय हर घर मे हाइपर टेंशन का मरीज मिल जाता है जिन्हें समय समय पर ईसीजी करना पड़ता है। इसके लिए उन्हें ईसीजी टेक्नीशियन के पास जाना पड़ता है।

इस कोर्स को करने के लिए उम्मीदवारों को डिप्लोमा इन एलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ़िक तकनीक का कोर्स करना पड़ता है जो ढाई साल की है। इंसमे दाखिल होने के लिए स्टूडेंट्स को 10+2 में साइंस लेकर पढ़ाई करनी होती जिसमे फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी का सब्जेक्ट्स होना अनिवार्य है।

अगर आप ईसीजी टेक्नीशियन बनने का ख्वाइश रखते है तो यहां क्लिक करके इस आर्टिकल को पढ़े यहां हमने ECG Technician Course के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की है।

DOTT Course: डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी ढाई साल की एक डिप्लोमा कोर्स जिसमे छह महीने की इंटर्नशिप करना जरूरी है। इस कोर्स में सिखाया जाता है कि कैसे ऑपरेशन थिएटर में सर्जन तथा नर्स के साथ के काम करना है, ऑपरेशन थिएटर के फंडामेंटल, इंस्ट्रूमेंट्स, इत्यादि।

आज के समय ऐसे उम्मीदवारों की मांग सरकारी तथा गैर सरकारी क्षेत्र में काफी अधिक है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए विद्यार्थियों को एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है। इसके अलावा कुछ कॉलेजों में डायरेक्ट एडमिशन का सुविधा भी प्रदान किया जाता है। अगर आपको इस कोर्स के बारे में विस्तार से जानना है तो यहां क्लिक करके DOTT Course के बारे में पढ़े।

DPFT Course: मेडिकल क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त तथा क्वालिफाइड परफ्यूशन टेक्निशियन की मांग काफी अधिक है। इस कोर्स में स्टूडेंट्स को मुख्यतः ह्यूमन एनाटोमी, बायोकेमिस्ट्री, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, क्लीनिकल परफ्यूशन टेक्नोलॉजी के बारे में सिखाया जाता है।

ताकि पेशेवर परफ्यूशन टेक्निशियन तैयार किया जा सके, जिन का मुख्य काम है हार्ट और लंग्स के सर्जरी के दौरान सर्जन को मशीन ऑपरेट करने में सहायता कटना। इसके साथ साथ परफ्यूशन टेक्निशियन को ध्यान देना होता कि सर्जरी के दौरान मरीजों में ऑक्सीजन, कार्बन डाई ऑक्साइड का मात्र सही है कि नहीं, ब्लड सर्कुलेशन का स्पीड और टेम्परेचर का कंट्रोल इत्यादि।

यह ढाई साल की पैरामेडिकल कोर्स है। जिसमे एडमिशन लेने के हेतु उम्मीदवारों को  साइंस लेकर 10+2 पास करना अनिवार्य है। इसके अलावा उम्मीदवारों का आयु कम से कम 18 साल होनी चाहिए।

DCCT Course: डी सी सी टी यानी डिप्लोमा इन क्रिटिकल केअर टेक्नोलॉजी, यह एक ऐसे डिप्लोमा कोर्स है जिसमे सिखाया जाता है कि एनेरजेंसी (जैसे कि हार्ट अटक, रोड एक्सीडेंट, गहरी चोट, इत्यादि) में मरीजों को कैसे ट्रीटमेंट किया जाता है।

Diploma in Radiology: अक्सर आप देखे होंगे डॉक्टर जब किसी मरीज का अंदरूनी रोग निर्धारण नहीं कर पाते तब एक्सरे, एमआरआई, यूएसजी, आदि करने के लिए कहते। जिसके माध्यम से एक इमेज तैयार होता और डॉक्टर उसी को देखते हुए रोगों का निर्णय करके चिकित्सा करते है।

जिन लोग एक्सरे, एमआरआई, यूएसजी बगैरह करते है उन्हें ही रेडियोलॉजिस्ट कहते। इसके लिए उम्मीदवारों को Radiology Course लेकर पढ़ाई करने होता। इसके डिप्लोमा और बैचलर दोनों ही डिग्री उपलब्ध है। डिप्लोमा कोर्स ढाई साल का होता है जिसमे छह महीने का इंटर्नशिप करना जरूरी है।

इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 10+2 की पढ़ाई पूरी करनी पड़ती है फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी सब्जेक्ट्स लेकर। इसके अलावा उम्मीदवारों को कम से 18 साल का भी होना अनिवार्य है।

DNEP Course: Diploma in Neuro Electro Physiology पैरामेडिकल की एक डिप्लोमा कोर्स है जिसे 12वी के बाद किया जाता है। इस कोर्स को सफलता पूर्वक पूरा करने वालो को न्यूरोएलेक्टरोंफिजियोलॉजिस्ट का सर्टिफिकेट मिल जाता है।

ऐसे उम्मीदवारों की मांग देश तथा विदेशों में काफी अधिक है। आमतौर पर इस कोर्स के लिए ₹30,000 से ₹1,50,000 तक का फीस लग जाता है।

DCLT Course: कैथ लैब टेक्नीशियन को  इनवेसिव कार्डियक टेक्नोलॉजिस्ट कहते है, जिन का मुख्य काम है कार्डियोलोजिस्ट को हार्ट के ट्रीटमेंट तथा हार्ट से संबंधित चिकित्सा करने में सहायता करना। इस कोर्स का डिप्लोमा और बैचलर दोनों ही डिग्री उपलब्ध है।

DPT Course: डिप्लोमा इन फिजियोथेरेपी ढाई साल की कोर्स है। इस कोर्स में मुख्यतः उम्मीदवारों को व्यायाम, योगा, मसाज के कई तरह टेक्निक सिखाया जाता ताकि मरीजों को बिना मेडिसिन के चिकित्सा किया जा सके और मरीजों को सामान्य जीवन शैली में वापस ला सके। आज के समय ऐसे पेशेवर व्यक्तियों का मांग पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है।

क्योंकि लोगो को धीरे धीरे समझ आ रहा है कि दवाइयों का कई सारे स्पर्श प्रतिक्रियाएं होती है जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक होता। ऐसे में यदि आप फिजियोथेरेपी का डिप्लोमा कोर्स करना चाहते है तो यहां क्लिक करके इस आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़े यहां हमने DPT Course Details में चर्चा की है।

★ D.OPT Course: डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री विथ ऑप्थलमिक टेक्निक कोर्स की समयावधि है ढाई साल, जिसकी पहली दो साल में थ्योरी तथा प्रैक्टिकल जानकारी प्रदान की जाती है एयर आखरी के छह महीने में इंटर्नशिप करना पड़ता है किसी सरकारी हॉस्पिटल से।

D.OPT कोर्स में आंखों से जुड़े रोग, उसके रोकथाम, डायग्नोसिस जैसे विषयों में पूरी जानकारी प्रदान की जाती है। कोर्स पूरा होने के पश्चात ऐसे उम्मीदवारों को सरकारी तथा गैर सरकारी आंखों का हॉस्पिटल, आंखों का क्लिनिक, डायग्नोसिस सेंटर में आसानी से नौकरी मिल जाता है।

नीट के बिना 12वी के बाद मेडिकल कोर्स – बैचलर डिग्री

★ B pharm Course: बैचलर ऑफ फार्मेसी चार साल की एक अंडरग्रेजुएट डिग्री है, जिसकी समयावधि है चार साल जिसमे एनाटोमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, क्लीनिकल पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, फार्मकोग्नोसि, इत्यादि सब्जेक्ट्स के बारे में थ्योरी तथा प्रैक्टिकल नॉलेज प्रदान किया जाता है।

सफलतापूर्वक कोर्स पूरा होने के पश्चात उम्मीदवारों को रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के तौर पर मान्यता दी जाती है। ऐसे उम्मीदवारों को फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज, सरकारी तथा गैर सरकारी अस्पताल, सर्जिकल इंडस्ट्रीज, इत्यादि क्षेत्र में नौकरी कर सकते है। इसके अलावा खुद का मेडिकल बिजनेस भी सुरु कर सकते है। इस पर क्लिक करके आप B pharma Course के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है।

★ BMLT Course: बीएमएलटी यानी बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी तीन साल की पैरामेडिकल कोर्स है जिसमे क्लीनिकल टेस्ट के जरिये मरीजों का रोग निर्धारण किया जाता है। अगर आप मेडिकल लैब टेक्नीशियन बनना चाहते है तो बीएलएलटी आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

बीएमएलटी कोर्स में एडमिशन होने के लिए उम्मीदवारों को 10+2 में फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी लेकर पढ़ाई करनी होती है। इस कोर्स के बारे में अच्छे से जानने के लिए आप यहां वलिक करके इस BMLT Course के बारे में जान सकते है।

★ BMRIT Course: बैचलर ऑफ मेडिकल रेडियो डायग्नोसिस एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी (BMRIT Course) साढ़े तीन साल की एक बैचलर डिग्री है जिसमे तीन सालों को एकेडमिक पढ़ाई करनी पड़ती है और आखिरी छह महीने की इंटर्नशिप करना पड़ता है।

ऐसे उम्मीदवारों का डिमांड हमारे देश के अलावा विदेशों में भी काफी अधिक है। कोर्स पूरा होने के बाद रेगियोलॉजिस्ट के रूप में सरकारी तथा गैर सरकारी अस्पतालों में नौकरी कर सकते है। इसके अलावा डायग्नोसिस सेंटर, प्राइवेट क्लिनिक, बगैरहके भी कम कर सकते है। इसके अतिरिक्त सर्जिकल इंडस्ट्रीज में ऐसे पेशेवर कैंडिडेट्स का डिमांड काफी अधिक है।

★ BPT Course: बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी साढ़े चार साल की अंडरग्रेजुएट कोर्स है जिसे जिसमे एडमिशन होने हेतु उम्मीदवारों को फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी का सब्जेक्ट्स सहित इंटरमीडिएट (10+2) पास करना होता है।

इंस कोर्स में मुख्यतः मेरिट बेसिस पर एडमिशन लिया जाता है, इसके अलावा डायरेक्ट एडमिशन भी मिल जाता है। इसके लिए सीधा कॉलेज के साथ संपर्क करना पड़ता है या फिर कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी जानकारी मिल जाती है। BPT Course के बारे में यहां क्लिक डिटेल्स में जान सकते है।

इन सभी कोर्स के अलावा और भी कई सारे मेडिकल कोर्स है जिसे neet एग्जाम दिए बिना किया जा सकता है, जिसके बारे में आप नीचे देख सकते है;

★ BSc (Hons) Paramedic Science

BSc Radiology

★ BSc in Audiology and Speech Therapy

★ Bachelor of Physiotherapy

★ BSc Ophthalmic Technology

★ BSc Operation Theater Technology (OTT)

★ BSc Respiratory Therapy Technology

★ BSc in Dialysis Therapy

★ BSc Nursing

★ Bachelor of Naturopathy and Yogic Sciences (BNYS)

★ BSc in Cardiac/Cardiovascular Technology

★ BSc in Physician Assistant

★ BSc in Medical Lab Technology

★ BSc in Anaesthesia3 years

★ BSc in Medical Record Technology

★ BSc in Nuclear Medicine Technology

★ BSc in Neurophysiology Technology

★ BSc in Dialysis Technology3 years

★ BSc in Occupational Therapy

★ BSc in Radiology

★ BSc Optometry3 years

★ Bachelor of Paramedicine

★ Bachelor of Paramedical Technology

★ Bachelor of Health in Paramedicine (Hons)

NEET Exam के बिना 12वी के बाद मेडिकल कोर्स – सर्टिफिकेट डिग्री

अगर आप मेडिकल क्षेत्र में कोई सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहते है तो निम्नलिखित कोर्स आपके लिए बेहतर हो सकता है;

★ Certificate in Research Methodology

★ Certificate in Lab Assistant/Technician

★ Certificate in Nursing Care Assistant

★ Certificate in Operation Theatre Assistant

★ Certificate in Dental Assistant

★ Certificate in ECG and CT Scan Technician

★ Certificate in HIV and Family Education

★ Certificate in Nutrition and Childcare

★ Certificate in Rural Health Care

★ Certificate in Home-Based Health Care

मेडिकल कोर्स के बाद करियर स्कोप

आज के समय मेडिकल क्षेत्र में पेशेवर व्यक्तियों का मांग काफी अधिक है। ऐसे उम्मीदवारों को सरकारी तथा गैर सरकारी अस्पतालों में आसानी से नौकरी मिल जाता है। इनके अलावा फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज, मेडिकल डायग्नोसिस सेंटर, सर्जिकल इंडस्ट्रीज में भी ऐसे व्यक्तियों के लिए काफी अच्छी स्कोप है।

सैलरी कितना मिलेगी मेडिकल कोर्स के बाद

अगर सैलरी की बात करे तो सैलरी पैकेज बहुत से चिंजो के ऊपर निर्भर करती है। जिनमे से सबसे महत्वपूर्ण है, आपका किया हुआ मेडिकल कोर्स, जॉब का सेक्टर, जॉब का पोस्ट, और काम का एक्सपीरियंस।

फिरभी यदि औसतन कोर्स सैलरी की बात करे तो आमतौर पर गैर सरकारी संस्थानों में ₹15,000 से ₹25,000 सैलरी मिल जाते है, वही सरकारी क्षेत्र में हर महीने ₹28,000 से ₹33,000 की सैलरी मिलता है। पर जैसे जैसे काम की एक्सपीरियंस बढ़ता है सैलरी में भी बढ़ोतरी होना सुरु हो जाते है।

निष्कर्ष: आज की इस लेख में हमने NEET के बिना 12 वीं के बाद मेडिकल कोर्स के लिस्ट के बताये है। जहां हमने ऐसे बहुत से मेडिकल कोर्स बताये है जिसमे आप बिना NEET एग्जाम दिए एडमिशन ले सकते है। अगर आपको इस लेख से जुड़े कोई भी सवाल पूछना है तो कमेंट सेक्शन में पूछ सकते है। आपको 12 घंटे के अंदर जवाब दिया जाएगा।

यदि आपको किसी दूसरे कोर्स के बारे में डिटेल्स में जानकारी चाहिए तो हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़कर बता सकते है। इसके अलावा टेलीग्राम चैनल में आपको कोर्स, करियर और एजुकेशन से जुड़े नई नई जानकारियां मिलते रहते है।

मेडिकल कोर्स:

दोस्तों के साथ शेयर करे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *