होटल मैनेजमेंट कोर्स इनफार्मेशन: इसे जाने बिना एडमिशन मत ले

इन दिनों, स्टूडेंट्स की रुझान प्रोफेशनल कोर्स की ओर ज्यादा दिखाई दे रहा है। ज्यादातर स्टूडेंट्स अब चाहते है कि वह डॉक्टर, इंजीनियर जैसे कोई पेशेवर कोर्स करे जिससे उन्हें जल्द से जल्द नौकरी मिले।

लेकिन डॉक्टर इंजीनियर बनना हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता। इसलिए वह दूसरे प्रकार की पेशेवर कोर्स की तलाश करते है। यदि आप भी उन स्टूडेंट्स में से कोई है तो आपको बता दे, Hotel Management एक ऐसी प्रोफेशनल कोर्स है जिसकी मांग देश विदेशों में काफी अच्छी है।

यदि किसी को होटल मैनेजमेंट कोर्स 12वीं के बाद करना है तो वह इस लेख को ध्यानपूर्वक आखरी तक पढ़े। आशा करते है आपके मन में होटल मैनेजमेंट कोर्स इनफार्मेशन से जुड़े जितने भी सवाल है उसके जवाब मिल जाएगा।

जैसे कि होटल मैनेजमेंट कोर्स क्या है, होटल मैनेजमेंट कोर्स 12वीं के बाद कौन सी करनी चाहिए, होटल मैनेजमेंट के लिए कौन सी प्रवेश परीक्षा ली जाती है, होटल मैनेजमेंट की फीस कितनी होती है, होटल मैनेजमेंट के बाद जॉब कौन सी मिलेगा, होटल मैनेजमेंट के बाद सैलरी कितना होगा, इत्यादि Hotel Management Course in Hindi में।

होटल मैनेजमेंट कोर्स इनफार्मेशन

होटल मैनेजमेंट कोर्स 12वीं के बाद बहुत से सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट और मास्टर डिग्री की कोर्स है। यहां हमने लगभग सभी होटल मैनेजमेंट कोर्स के बारे में चर्चा की है। आप अपने आवश्यकता के अनुसार कोई भी कोर्स चुन सकते है।

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डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट: डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट तीन साल की एक डिप्लोमा कोर्स है। जिसमे कुलमिलाकर छह सेमेस्टर आयोजित किया जाता है प्रत्येक छह महीने के बाद। इंडिया में डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट कोर्स को मुख्यतः आईएचएम और एनसीएचएमसीटी द्वारा संचालित किया जाता है।

इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 10+2 या इसके समकक्ष कोई कोर्स पूरा करना होता किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से। इसके साथ कम से 50 प्रतिशत नंबर प्राप्त करना होता। इंसमे साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स के कोई भी सिडेंट्स भर्ती हो सकते है।

डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट की कोर्स भर्ती के लिए ज्यादातर कॉलेज में एंट्रेंस एग्जाम आयोजित किया जाता है जिनमे कुछ जानेमाने एग्जाम है; AIMA UGAT, BVP, AIHMCT WAT. कुछ कॉलेज ऐसा भी है जहां डायरेक्ट एडमिशन (पहले आओ पहले पाओ) मिल जाता है।

कोर्स पूरा होने के पश्चात उम्मीदवारों को होटल मैनेजमेंट की क्षेत्र में चहिते नौकरी करने का अवसर प्राप्त होते है। कोई चाहे तो डिप्लोमा के बाद हायर स्टडी भी कर सकते है।

डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी: होटल मैनेजमेंट के अंतर्गत यह भी एक डिप्लोमा कोर्स है जिसे आईएचएम द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेज से करना होता। इसके लिए उम्मीदवारों को 10+2 की पढ़ाई पूरी करनी पड़ती है, हालांकि 10+2 में पढ़ाई के दौरान भी इसके लिए अप्लाई किया जा सकता है।

इसकी समयावधि 1 से 2 साल की होती है; कुछ कॉलेज में इसे 2 में पूरा किया जाता है और किसी मे 1 साल अवधि लगते है। इंसमे ज्यादातर मेरिट के आधार पर एडमिशन मिलते है। ऐसे में उम्मीदवारों का 10+2 की नंबर काउंट किया जाता है और उसी के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार करके एडमिशन लिया जाता है।

डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट इन कैटरिंग टेक्नोलॉजी की कोर्स पूरा होने के पश्चात उम्मीदवारों को कैटरिंग ऑफिसर, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, हॉस्पिटल एग्जीक्यूटिव, केबिन क्रू, कैटरिंग सुपरवाइजर, सेल्स एंड मार्केटिंग मैनेजर जैसे पदों में नौकरी करने की सुनहरे अवसर प्राप्त होती है।

डिप्लोमा इन हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट: डिप्लोमा इन हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट 3 महीने से लेकर 3 साल की कोर्स होती है। इंसमे मुख्यतः एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर ही एडमिशन मिलते है। इसकी कोर्स फीस कॉलेज की हिसाब से भिन्न होती है। यदि औसतन कोर्स फीस देखा जाए तो लगभग ₹2,00,000 है।

इंस कोर्स में दाखिल होने हेतु उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 पास करना होता न्यूनतम 50 प्रतिशत नंबर से। आरक्षण वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नियमानुसार5 नंबर की छूट प्रदान की जाती है।

इसे छात्र या छात्रा कोई भी कर सकते है। इसके लिए उम्मीदवारों का आयु, जनरल वर्ग के लिए 25 साल से अधिक नही होनी और आरक्षण वर्ग के लिए 3 अतिरिक्त दिया जाता है यानी 28 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।

डिप्लोमा इन एविएशन हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट: यह एक से दो साल की डिप्लोमा कोर्स जिसमे प्रत्येक छह माह के बाद सेमेस्टर एग्जाम आयोजित किया जाता है। इंस कोर्स में दाखिल होने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम इंटरमीडिएट (10+2) की पढ़ाई करनी पड़ती है।

इंसमे डायरेक्ट और मेरिट बेसिस एडमिशन मिल जाता है। ज्यादातर बड़े बड़े कॉलेज में एडमिशन के लिए NCHMT JEE, AEEE, AIAEE जैसे एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है। इस कोर्स की फीस आमतौर पर ₹30,000 से ₹2,50,000 तक हो सकती है, यह रकम कॉलेज अपने हिसाब से तय करते है। 

इस कोर्स में विद्यार्थियों को एयरपोर्ट मैनेजमेंट, एयरपोर्ट सिक्योरिटी, एयरपोर्ट प्लानिंग, पैसेंजर्स फोरकास्टिंग, जैसे विषयों के बारे में विस्तार से सिखाया जाता है ताकि पेशेवर कैंडिडेट्स तैयार किया जा सके।

डिप्लोमा इन हाउसकीपिंग: हाउसकीपिंग की इस डिप्लोमा कोर्स के पश्चात उम्मीदवारों को हाउसकीपिंग मैनेजर, हाउसकीपिंग सुपरवाइजर, हाउसकीपिंग असिस्टेंट, हाउसकीपिंग स्टाफ जैसे पद पर नौकरी प्राप्त होती है।

यह एक से दो साल की कोर्स होती है जिसमे प्रत्येक छह माह के बाद सेमेस्टर एग्जाम आयोजित किया जाता है। इस कोर्स में मुख्यतः डायरेक्ट और मेरिट बेसिस एडमिशन मिलता है।

डिप्लोमा इन हाउसकीपिंग कोर्स में हाउसकीपिंग मैनेजमेंट, सैनिटेशन, क्लीनिंग मैनेजिंग, हेल्थ हाइजीन, इत्यादि विषयों के बारे में विस्तार से चर्चा की जाती है।

बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट: BHM यानी बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट तीन साल की एक अंडरग्रेजुएट कोर्स है जिसे 10+2 के बाद किया जाता है। इसके अतिरिक्त यदि कोई विद्यार्थी 10+2 के बाद डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करते है वह इसके लेटरल एंट्री ले सकते है।

इंसमे दाखिल होने वाले जनरल वर्ग के उम्मीदवारों का सर्वाधिक आयु 22 साल की होनी चाहिए और आरक्षण वर्ग जैसे एससी/एसटी वालों के लिए तीन साल की छूट दी जाती है, यानी उनके सर्वाधिक आयु 25 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।

तीन साल की बीएचएम कोर्स पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को किचन शेप, होटल मैनेजर, इवेंट मैनेजर, फ्रंट डेस्क ऑफिसर, केबिन क्रू जैसे पदों में चहिते नौकरी करने का अवसर मिलते है।

बीएससी इन हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन: इसकी पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 की पढ़ाई पूरी करनी होगी किसी भी स्ट्रीम से(साइंस/आर्ट्स/कॉमर्स) कम से कम 50 प्रतिशत नंबर के साथ।

इंडिया में मुख्यतः आईएचएम और एनसीएचएमसीटी के एफिलिएटेड कॉलेज से ही यह कोर्स किया जाता है। इसके औसतन फीस आमतौर ढाई से लेकर साढ़े तीन लाख तक होती है। इंसमे सामान्यतः एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से एडमिशन लिया जाता है।

कोर्स पूरा होने के बाद नौकरी करने वाले उम्मीदवारों को फ्रंट ऑफिस मैनेजर, शेप, होटल मैनेजर, कस्टमर्स रिलेशनशिप मैनेजर, जैसे पदों में होटल, रेस्टोरेंट्स, ट्रेवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्रीज, एयरलाइन्स, क्रूज लाइनर जैसे क्षेत्र में नौकरी के सुनहरे अवसर मिलते है।

बीएससी ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी: BHMCT चार साल की एक बैचलर डिग्री है, जिसमे आठ सेमेस्टर आयोजित किया जाता है प्रत्येक छह महीने के बाद यानी हर साल दो सेमेस्टर लिया जाता है।

इस कोर्स में दाखिल होने के लिए उम्मीदवारों का आयु कम से 17 साल की होनी चाहिए और सर्वाधिक आयु 22-25 साल के बीच होती है जनरल वर्ग के उम्मीदवारों के लिए। यह सीमा कॉलेज के हिसाब से भिन्न भिन्न होती है। आरक्षण वर्ग के लिए नियमानुसार तीन साल की छूट भी प्रदान की जाती है।

इसकी पढ़ाई के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 की पढ़ाई करनी होती है जिसमे इंग्लिश मैन सब्जेक्ट्स में से एक होनी चाहिए और 10+2 में उम्मीदवारों को कम से कम 45 प्रतिशत नंबर प्राप्त करना होता बीएचएमसीटी कोर्स के लिए योग्य बनने हेतु।

बीएससी ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी कोर्स की डिग्री धारकों का मांग हमारे देश के अलावा विदेशों में काफी अधिक है। ऐसे उम्मीदवारों को होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट, क्रूज शिप्स, रेलवे, एयरलाइन्स, कैसिनो जैसे क्षेत्र में आसानी से नौकरी मिल जाता है।

बीए इन होटल मैनेजमेंट: यह चार साल की अंडरग्रेजुएट कोर्स है जिसमे आठ सेमेस्टर आयोजित किया जाता है। प्रत्येक सेमेस्टर में अलग अलग सब्जेक्ट्स के बारे में सिखाया पढ़ाया जाता है। इंसमे मैनेजमेंट, स्किल्स और एटीट्यूड से जुड़े जानकारी प्रदान की जाती है।

इंसमे एडमिशन के लिए नेशनल स्तर पर एंट्रेंस एग्जाम आयोजित किया जाता है। कुछ कॉलेज और यूनिवर्सिटीज इस कोर्स में एडमिशन के लिए अपने अपने हिसाब से एग्जाम करवाते है। इसकी एवरेज फीस आमतौर पर तीन लाख से पांच लाख तक होती है।

कोर्स पूरा होने के बाद ऐसे उम्मीदवारों के लिए हमारे देश के अलावा विदेशों में भी जॉब करने का सुनहरे अवसर मिलना सुरु हो जाते है।

बीबीए इन हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म: हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म की इस कोर्स उन विद्यार्थियों के लिए है जो हॉस्पिटैलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म क्षेत्र में अपना करियर संवारने के बारे में रुचि रखते है। इसकी समयावधि है तीन साल जसमे छह सेमेस्टर है।

इंसमे एडमिशन के लिए उम्मीदवारों को इंटरमीडिएट पास करना होता किसी भी स्ट्रीम से न्यूनतम 50 प्रतिशत नंबर के साथ। इंसमे एंट्रेंस एग्जाम जैसे LPUNEST, MCET जैसे एग्जाम करवाई ली जाती है एडमिशन के लिए हालांकि डायरेक्ट एडमिशन भी मिल जाता है।

मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट: यह दो साल की कोर्स जिसे कोई भी बैचलर डिग्री प्राप्त उम्मीदवार कर सकते है। परंतु यदि आप पहले से तय कर ली है की मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट की कोर्स करेंगे तो बैचलर डिग्री होटल मैनेजमेंट से ही करनी चाहिए।

मास्टर डिग्री में इस कोर्स अलावा और भी कई सारे कोर्स है जिसके नाम नीचे देख सकते है;

मास्टर इन टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट

एमबीए इन हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट

एमबीए इन होटल मैनेजमेंट

एमबीए इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट

यदि आप 10वी के बाद होटल मैनेजमेंट की कोई सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहते है तो इन कोर्स को कर सकते है जिसमे होटल मैनेजमेंट की बेसिक जानकारियां प्रदान की जाती है।

सर्टिफिकेट इन होटल एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट

सर्टिफिकेट इन हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट

सर्टिफिकेट इन होटल मैनेजमेंट

होटल मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षा

होटल मैनेजमेंट के अंदर अलग अलग कोर्स होती है जिसके लिए भिन्न भिन्न प्रकार की एंट्रेंस एग्जाम नेशनल स्तर पर आयोजित किया जाता है, कुछ कॉलेज अपने इंस्टीट्यूट में अपने हिसाब से एग्जाम करवाते है।

यहां हमने होटल मैनेजमेंट के लिए ली जाने वाली प्रवेश परीक्षा के कुछ नाम बताये है; NCHMCT JEE, AIMA UGAT, AIHMCT WAT, BVP इत्यादि।

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होटल मैनेजमेंट की फीस

आशा करते है होटल मैनेजमेंट कोर्स इनफार्मेशन की इस लेख आपको समझ आ गया होगा कि Hotel Management में कितने सारे कोर्स है और उसके लिए योग्यता क्या होनी चाहिए। अब आइये जानते है होटल मैनेजमेंट की फीस कितनी होती है उसके बारे में।

जैसे कि आपको पता चला है कि होटल मैनेजमेंट के अंतर्गत कई तरह के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, बैचलर, और मास्टर डिग्रीयां है जिसकी समयावधि और योग्यता भिन्न भिन्न है। इन सभी कोर्स के फीस अलग अलग कॉलेज में अलग अलग होई है।

आमतौर पर सरकारी होटल मैनेजमेंट कॉलेजों में कोर्स फीस बहुत कम होती है परंतु प्राइवेट कॉलेजों में फीस सरकारी कॉलेज की तुलना में कई गुना अधिक ली जाती है। यदि होटल मैनेजमेंट कोर्स की औसतन फीस देखा जाए तो ₹60,000 से ₹5,00,000 तक होती है।

होटल मैनेजमेंट जॉब

होटल मैनेजमेंट के बाद उम्मीदवारों के लिए देश तथा विदेशों में कई सारे क्षेत्र में जॉब्स करने का सुनहरे अवसर मिलते है। होटल मैनेजमेंट के बाद जॉब प्रोफाइल की बात करे तो सूस शेफ, शेफ, एग्जीक्यूटिव शेफ, फ्रंट ऑफिस मैनेजर, जनरल मैनेजर, इवेंट मैनेजर, कैटरिंग मैनेजर, बारटेंडर, रूम डिवीज़न मैनेजर, टूर एंड ट्रेवल मैनेजर, इत्यादि।

होटल मैनेजमेंट सैलरी

होटल मैनेजमेंट कोर्स के बाद सैलरी पैकेज करने वाले डिग्री के ऊपर निर्भर करती है। इसके अतिरिक्त जॉब सेक्टर, जॉब प्रोफाइल और एक्सपीरियंस के आधार पर ही सैलरी पैकेज तय किया जाता है। यदि होटल मैनेजमेंट के बाद मिलने वाले औसतन सैलरी देखा जाए तो वार्षिक ₹2,00,000 से ₹7,00,000 तक होती है।

ऐसे उम्मीदवारों की मांग विदेशों में काफी अधिक है ज्यादातर उम्मीदवार अधिक सैलरी के लिए विदेश में जॉब करते है। विदेशों में आमतौर पर सैलरी पैकेज ₹3,00,000 से ₹10,00,000 प्रति महीना होती है।

निष्कर्ष: आज की लेख में होटल मैनेजमेंट कोर्स इनफार्मेशन के बारे में विस्तार से चर्चा की है। जैसे होटल मैनेजमेंट में कौन कौन से कोर्स है, होटल मैनेजमेंट की फीस कितनी है, होटल मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षा क्या है, होटल मैनेजमेंट जॉब का स्कोप क्या है, होटल मैनेजमेंट सैलरी कितना है, इत्यादि।

आशा करते है Hotel management course in hindi के सभी जानकारी आपको पसंद नही होगी। यदि पसंद आई है तो कृपया अपने दोस्तों के साथ इस लेख को फेसबुक, व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया में ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।

यदि आपके मन मे होटल मैनेजमेंट कोर्स इनफार्मेशन से जुड़े कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट सेक्शन में पूछिये और हमारे लिए कोई सुझाव है तो भी बताये ताकि हम अपने लेख को सुधार कर सके।

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