Civil Engineer Kaise Bane, एडमिशन, फीस, नौकरी, सैलरी डिटेल्स

आज के इस विकासशील समाज में स्टूडेंट्स के सामने करियर बनाने की कई तरह के ऑप्शन है। अगर कोई चाहे तो डॉक्टर बन सकते हैइंजीनियर बन सकते है या फिर दूसरे प्रोफेशन में भी अपनी भविष्य संवार सकते हैं।

अगर आप कोई ऐसे स्टूडेंट हो जो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की सपना देख रहे हैं तो कृपया इस आर्टिकल को पूरा पढ़े ताकि आज हम जिस जिस इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में बात करने जा रहे हैं उसके बारे में आपको बारीकियों से पता चले।

आज के समय डाटा साइंस इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के अलावा और भी कई सारे इंजीनियरिंग कोर्स है जिसकी डिमांड देश तथा विदेशों में भी काफी अच्छी है पर आज हम एक ऐसी इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में बात करेंगे जिस की डिमांड इंडिया जैसे डेवलपिंग कंट्री में बहुत ही अधिक है।

इस कोर्स का नाम है Civil Engineering. अगर अब सिविल इंजीनियरिंग कोर्स करके रजिस्टर्ड सिविल इंजीनियर बनना चाहता है तो आज के आर्टिकल आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है जिसमें हम आपको बताएंगे की Civil engineer kaise Bane.

इसके अलावा हम चर्चा करेंगे कि सिविल इंजीनियर बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए, कौन सा एग्जाम देना पड़ता है, मिनिमम एज कितना है, बेस्ट कॉलेज कौन सा है, सिविल इंजीनियर बनने के बाद नौकरी कौन कौन सी मिलेगी, सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है, इत्यादि।

तो आइए शुरू करते हैं आज की लेख और आपको बताते हैं कि सिविल इंजीनियर कैसे बने पर इससे पहले जिन स्टूडेंट्स को यह पता नहीं है कि सिविल इंजीनियरिंग होता क्या है उनके लिए थोड़ा सा जानकारी दे देता हूं कि सिविल इंजीनियर क्या है।

 Civil engineer Kya Hai (सिविल इंजीनियर क्या है)

सिविल इंजीनियर एक ऐसी पेश है जिसके लिए सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा या बी टेक कोर्स करना पड़ता है। ऐसे पेशेवर व्यक्तियों का मुख्य काम है कि पब्लिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर (बिल्डिंग, हॉस्पिटल, मॉल, सड़कें, नहर आदि) का प्लानिंग डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन, संरक्षण करना।

आज के समय सिविल इंजीनियर का डिमांड सरकारी तथा गैर सरकारी विभागों में काफी अच्छी है इसके अलावा इंडिया की तरह दूसरे डेवलपिंग कंट्री में भी ऐसे ऐसे पेशेवरों व्यक्तियों का मांग बहुत ही अधिक है।

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सिविल इंजीनियर बनने के लिए इंडिया में सैकड़ों सरकारी और गैर सरकारी कॉलेज उपलब्ध है जिसमें एंट्रेंस एग्जाम और मेरिट के आधार पर एडमिशन लिया जाता है।

इस कोर्स में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों को 10+2 में साइंस लेकर पढ़ाई करनी चाहिए, पर अगर कोई आर्ट्स या कॉमर्स के स्टूडेंट्स सिविल इंजीनियर बनना चाहे तो भी बन सकते हैं। साइंस और दूसरे स्ट्रीम के स्टूडेंट्स कैसे सिविल इंजीनियर बन सकते हैं इसके बारे में जानने के लिए आप पूरी आर्टिकल को ध्यान पूर्वक पढ़े।

Civil Engineer ke Eligibility (सिविल इंजीनियर बनने के लिए योग्यता)

सिविल इंजीनियर बनने के लिए सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स करना पड़ता है जिसके लिए दूसरे कोर्स की तरह कुछ पात्रता मानदंड तय किया गया है। जैसे कि हमने आपको पहले ही बताए हैं सिविल इंजीनियरिंग के अंतर्गत 3 डिग्री होती है डिप्लोमा, बी टेक और एमटेक।

डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 10 वी या किसी भी सब्जेक्ट लेकर 12 वी का एग्जाम सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होना पड़ेगा तब जाकर आप सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स के लिए एलिजिबल होंगे।

अगर कोई स्टूडेंट सिविल इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री यानी बी टेक इन सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स करना चाहे तो उन्हें 10+2 में साइंस लेकर पढ़ाई करना चाहिए जिसमें फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स का सब्जेक्ट होना अनिवार्य है।

डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग और बीटेक इन सिविल इंजीनियरिंग के अलावा एमटेक इन सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स करने के लिए उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज बीटेक इन सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स करना पड़ेगा।

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अगर आप सिविल इंजीनियर बनना चाहते है तो कृपया निम्नलिखित स्टेप्स को ध्यानपूर्वक अनुसरण करें यहां हमने स्टेप बाई स्टेप पूरी जानकारी देने की कोशिश की है;

अपना लक्ष्य तय करे: सिविल इंजीनियरिंग का पढ़ाई करने से पहले आपको यह तय करना होगा कि आप के लिए सिविल इंजीनियरिंग का कौन सा डिग्री (डिप्लोमा या बीटेक) बेहतर रहेगा, क्योंकि उसी के हिसाब से आपको आवश्यक पात्रता हासिल करना होगा और एग्जाम का भी तैयारी करनी पड़ेगी।

जैसे ही सिविल इंजीनियरिंग कि डिप्लोमा कोर्स के लिए 10 वीं या 12 वीं पास होना जरूरी है ठीक वैसे ही बी टेक इन सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स के लिए उम्मीदवारों को साइंस शाखा से 12वीं पास करना अनिवार्य है।

अच्छे अंकों के साथ 10वीं पूरी करें: डॉक्टर या इंजीनियर बनने का पहला कदम शुरू होता है दसवीं के पहले से ही। क्योंकि दसवीं के बाद ही एक स्टूडेंट को उसी के हिसाब से सब्जेक्ट सुनने का मौका मिलता है। और एक स्टूडेंट को तभी अपने हिसाब से सब्जेक्ट का चुनाव करने का मौका मिलता है जब वह अच्छे अंकों के साथ दसवीं का फाइनल एग्जाम में उत्तीर्ण हो जाते हैं।

अगर कोई सिविल इंजीनियरिंग में बी टेक करने का ख्वाहिश रखते हैं तो उन्हें दसवीं के बाद साइंस शाखा का चुनना होगा जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स का सब्जेक्ट होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

साइंस लेकर 10+2 पूरा करें: 10वीं में साइंस सब्जेक्ट का चुनाव करने के पश्चात अब आपको उन सब्जेक्ट्स को लेकर 10+2 अच्छे अंकों के साथ पास करना होगा तभी आपको सिविल इंजीनियरिंग की बीटेक कोर्स में एडमिशन लेने की योग्यता हासिल होगी।

अन्यथा यदि आप सिविल इंजीनियरिंग की डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं तो 10+2 में साइंस लेकर पढ़ाई करना अनिवार्यता नहीं है। आप किसी भी शाखा से 12वीं पास हो कर सकते हैं या फिर दसवीं के बाद भी आप इस कोर्स के लिए एलिजिबल हो जाते हैं।

एंट्रेंस एग्जाम के लिए फॉर्म भरे: स्टेट और नेशनल लेवल पर ऐसे कई सारे एंट्रेंस एग्जाम है जिसकी माध्यम से बी टेक इन सिविल इंजीनियरिंग या फिर डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग के कोर्स में एडमिशन लिया जाता है। इसके अलावा बड़े-बड़े इंस्टिट्यूट अपने-अपने कॉलेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम का आयोजित करते हैं।

उस एग्जाम में हिस्सा लेने के लिए उम्मीदवारों को अपने योग्यता के हिसाब से फार्म भरना होगा। एप्लीकेशन फॉर्म भरने के हेतु कॉलेज का ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा और अपना नाम डेट ऑफ बर्थ ईमेल आईडी मोबाइल नंबर देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा।

रजिस्ट्रेशन के पश्चात यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करके अप्लाई करना होगा जिसमें कैंडिडेट का सारे डिटेल्स जैसे एड्रेस शैक्षणिक योग्यता और सभी दस्तावेजों का स्कैन कॉपी अपलोड करना होगा। अप्लाई करते समय कुछ रुपए की आवेदन शुल्क भी जमा करना होगा जिसे आप ऑनलाइन नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड के जरिए भी जमा कर सकते हैं।

अप्लाई का सारे प्रोसेस सही से कंप्लीट हो जाने पर एप्लीकेशन फॉर्म का सबमिट करने के पश्चात उसका प्रिंट आउट निकालना कर अपने पास रख लेना है ताकि आगे चलकर एडमिशन के दौरान कोई भी समस्या का सामना ना करना पड़े।

आपको बता दें की डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग का फॉर्म 10वीं का फाइनल एग्जाम होने से पहले ही निकाली जाती है। और बी टेक इन सिविल इंजीनियरिंग के लिए होने वाले एंट्रेंस एग्जाम का फॉर्म भी 12वीं का फाइनल एग्जाम होने से पहले ही निकाला जाता है।

सिविल इंजीनियरिंग के लिए एंट्रेंस एग्जाम: सिविल इंजीनियरिंग की बीटेक और डिप्लोमा कोर्स के लिए बहुत से एंट्रेंस एग्जाम है जिसमें से कुछ प्रसिद्ध एग्जाम है JEE Main, JEE Advance, WBJEE, MHTCET, KIITEE, BITSAT, VITEEE, VOCLET, JEXPO, CG PPT, Delhi CET,DCECE, Jharkhand Polytechnic, KEA DCET, JEECUP इत्यादि।

एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करें: सिविल इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवारों को पहले से तैयारी करनी चाहिए क्योंकि इसमें प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है। इसलिए उम्मीदवारों को दसवीं के बाद ही इसके एंट्रेंस एग्जाम के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। (पॉलीटेक्निक कोर्स की पूरी जानकारी)

एंट्रेंस एग्जाम में ऑब्जेक्टिव टाइप का क्वेश्चन पूछा जाता है। जिसमें एक सवाल के जवाब के रूप में चार ऑप्शन दिया हुआ रहता है उसमें से सही ऑप्शन का चुनाव करना पड़ता है। एंट्रेंस एग्जाम में मुख्य रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स का सवाल पूछा जाता है।

अच्छे से एग्जाम दे: एप्लीकेशन फॉर्म भरने की कुछ ही दिन बाद एग्जाम देने के लिए एडमिट कार्ड रिलीज किया जाता है जिसे ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड करना होता। इसके पश्चात एडमिट कार्ड में बताई गई तारीख और समय पर निर्धारित एक्जाम सेंटर में जाकर एग्जाम देना पड़ता है।

एग्जाम के कुछ हफ्ते पश्चात एग्जाम का रिजल्ट रिलीज किया जाता है। अगर उसमें आप अच्छे रैंक के साथ उत्तीर्ण होते हैं तो ज्यादातर संभावना है कि आपको सरकारी कॉलेज में दाखिला मिल जाए पर अगर ऐसा नहीं होता तो गैर सरकारी कॉलेज में एडमिशन लेना पड़ता है।

एग्जाम का रिजल्ट निकलने के बाद काउंसलिंग कराई जाती है जिसमें स्टूडेंट्स अपने मनपसंद कॉलेज का चयन कर सकते हैं। अगर आप अच्छे अंको से एग्जाम पास करते हैं तो आपके मनपसंद कॉलेज में ही सीट अलॉट हो जाते है।

इसके साथ साथ स्टूडेंट्स का दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। सारे स्टेप सही से पूरा होने के पश्चात एडमिशन फीस जमा करके कोर्स में एडमिशन लेना होता है।

सिविल इंजीनियरिंग के एडमिशन प्रोसेस: इंडिया में मुख्य रूप से तीन माध्यम उपलब्ध है जिसके जरिए इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन लिया जाता है पहला है एंट्रेंस एग्जाम दूसरा 10+2 में प्राप्त नंबर के आधार पर और तीसरा डायरेक्ट एडमिशन।

एंट्रेंस एग्जाम के बारे में हमने आपके साथ पहले ही चर्चा की है। वही बात करें 10+2 में प्राप्त नंबर के आधार पर होने वाले एडमिशन प्रॉसेस की तो ऐसे में स्टूडेंट्स का 10+2 में प्राप्त नंबर को अकाउंट किया जाता है और उसी के आधार पर ही मेरिट लिस्ट तैयार करके एडमिशन करवाई जाती है।

इसके अलावा यदि डायरेक्ट एडमिशन की बात करें तो कुछ गैर सरकारी कॉलेज में डायरेक्ट एडमिशन का भी ऑप्शन है। ऐसे में एडमिशन लेने वाले कैंडिडेट को कॉलेज के साथ संपर्क करना पड़ता है और एडमिशन फीस जमा करने के पश्चात एडमिशन मिल जाता है।

Civil Engineer बनने के लिए बेस्ट कॉलेज

इंडिया में सैकड़ों सरकारी तथा गैर सरकारी कॉलेज है जहां से आप सिविल इंजीनियरिंग की कोर्स कर सकते है। यहां हमने इंडिया के कुछ टॉप सिविल इंजीनियरिंग कॉलेज की नाम बताये है;

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास, चेन्नई, तमिलनाडु

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली, नई दिल्ली, दिल्ली

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे, मुम्बई, महाराष्ट्र

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर, उत्तर प्रदेश

• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खरगपुर, पश्चिम बंगाल

• जादव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता, पश्चिम बंगाल

• इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी, उत्तर उत्तराखंड5

• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तिरुचिरापल्ली, 

• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक, बेंगलुरु

सिविल इंजीनियर बनने की कोर्स फीस

सिविल इंजीनियर बनने हेतु या तो उम्मीदवारों को सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा या बीटेक कोर्स करना होता। कोर्स का फीस कोर्स की डिग्री जैसे डिप्लोमा/बीटेक, कॉलेज जैसे चिंजो पर निर्भर करती है।

यदि हम बात करे कि सिविल इंजीनियर बनने के लिए औसतन कितनी फीस लगती है तो आपको बता दे, औसतन ₹50,000 से ₹10,00,000 तक कि फीस लग जाती है।

सिविल इंजीनियर के लिए टॉप रिक्रूटिंग कंपनियां

इंडिया में बहुत से सुप्रसिद्ध कंपनियां है जो सिविल इंजीनियर को हाई सैलेरी पैकेज प्रदान करके अपने कंपनी में एंप्लॉई के तौर पर नियुक्त करते हैं। यहां हमने कुछ टॉप रिक्रूटिंग कंपनी के नाम बताए हैं;

• टाटा प्रोजेक्ट्स

• लार्सन एंड टुब्रो

• हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी

• डीएलएफ लिमिटेड

• शापूरजी पलोनजी ग्रुप

• जैकबस

• सीसीएपी लिमिटेड

• सद्भाव इंजीनियरिंग

• MARG Limited

• स्काईलाइन बिल्डर्स

सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है

दूसरे प्रोफेशन की तरह इस प्रोफेशन में भी सैलरी पैकेज बहुत सारे चीजों पर निर्भर करती है जैसे कि जॉब की सेक्टर, पोस्ट और एक्सपीरियंस इत्यादि। यदि हम सिविल इंजीनियर की औसतन सैलरी पैकेज की बात करें तो ₹150,000 से लेकर ₹350,000 लाख का वार्षिक सैलरी पैकेज आसानी से मिल जाता है।

इसके अतिरिक्त समय के साथ जैसे-जैसे काम का एक्सपीरियंस बढ़ता जाता है सैलरी में भी इंक्रीमेंट होना शुरू हो जाते हैं। यदि हम विदेशों में एक एक्सपीरियंस सिविल इंजीनियर का सैलेरी पैकेज देखा जाए तो सालाना 10 लाख से लेकर 18 लाख तक होता है।

निष्कर्ष: आज की इस लेख में हमे चर्चा की है कि सिविल इंजीनियर क्या है, Civil engineer kaise Bane, एडमिशन कैसे होता है, बेस्ट कॉलेज कौन सा है, कोर्स की फीस कितनी होती है, कौन सा नौकरी मिलेगी, सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है, इत्यादि।

आशा करते है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर पसंद आई है तो दोस्तो के साथ इस लेख को सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि उन्हें भी पता चले कि सिविल इंजीनियर कैसे बनते है।

और अगर आपका कोई भी सवाल या सुझाव है तो कमेंट सेक्शन में पूछिये 12 घंटे के अंदर आपको जवाब मिल जाएगा। कोर्स और करियर से जुड़े ऐसे ही जानकारी के लिए हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़े जहां हम कोर्स और करियर से जुड़े जानकारी साझा करते रहते है।

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